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CTET Syllabus in Hindi 2025

CTET Syllabus in Hindi 2025
CTET Syllabus in Hindi 2025

CTET Syllabus in Hindi 2025: CTET Syllabus PDF हिंदी में फ्री डाउनलोड करें। जानें पेपर 1 और 2 का पूरा विषयवार सिलेबस, परीक्षा पैटर्न, महत्वपूर्ण टॉपिक्स और तैयारी टिप्स।

भारत में शिक्षक भर्ती की तैयारी करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए CTET (Central Teacher Eligibility Test) एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। यह परीक्षा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की जाती है। CTET परीक्षा का आयोजन इसीलिए किया जाता है ताकि शिक्षक बनने के लिए उम्मीदवारों के शिक्षण क्षमता और विषय ज्ञान को परखा जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और शिक्षक बनने के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करना है। CTET पास करने के बाद उम्मीदवार केंद्र सरकार के विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालय (KVS), नवोदय विद्यालय (NVS) और अन्य सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए योग्य हो जाते हैं।

CTET परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है और इसमें दो पेपर होते हैं – पेपर 1 (कक्षा 1 से 5 तक के लिए) और पेपर 2 (कक्षा 6 से 8 तक के लिए)। हर पेपर का अलग-अलग सिलेबस और परीक्षा पैटर्न होता है। इसलिए सही तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को दोनों पेपर का सिलेबस अच्छी तरह समझना ज़रूरी है। इस लेख में हम आपको CTET Syllabus in Hindi 2025 की पूरी जानकारी देंगे। यहाँ आप विषयवार पाठ्यक्रम, महत्वपूर्ण टॉपिक्स और परीक्षा पैटर्न जान पाएंगे। अगर आप CTET की तैयारी कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद मददगार साबित होगी।

CTET Syllabus in Hindi 2025- Overview

विवरणCTET पेपर 1CTET पेपर 2
परीक्षा का माध्यमऑफलाइन (पेन और पेपर आधारित)ऑफलाइन (पेन और पेपर आधारित)
कुल विषय54
शामिल विषयबाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा-I, भाषा-II, गणित, पर्यावरण अध्ययनबाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा-I, भाषा-II, गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान
अवधि2 घंटे 30 मिनट2 घंटे 30 मिनट
प्रश्नों का प्रकारवस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय प्रश्न)वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
कुल प्रश्न150150
कुल अंक150150
CTET Syllabus in Hindi 2025- Overview

CTET Paper 1 Exam Pattern- (कक्षा 1 से 5 तक)

CTET पेपर 1 उन उम्मीदवारों के लिए होता है जो प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के शिक्षक बनना चाहते हैं। इस पेपर में कुल 150 प्रश्न होते हैं और प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) होते हैं और परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट होती है। CTET (Central Teacher Eligibility Test) परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होती है।

विषयप्रश्नों की संख्याअंक
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र3030
भाषा – 13030
भाषा – 23030
गणित3030
पर्यावरण अध्ययन3030
कुल150150
CTET Syllabus in Hindi- CTET Syllabus in Hindi 2025 CTET- Syllabus in Hindi pdf

CTET Paper 2 Exam Pattern (कक्षा 6 से 8 तक)

CTET पेपर 2 उन उम्मीदवारों के लिए होता है जो मध्य स्तर (कक्षा 6 से 8) के शिक्षक बनना चाहते हैं। इस पेपर में कुल 150 प्रश्न होते हैं, प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट होती है और सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) होते हैं। CTET Paper 2 में उम्मीदवार अपनी स्ट्रीम के हिसाब से गणित और विज्ञान या सामाजिक अध्ययन का विकल्प चुनते हैं। यानी अगर आप Science-Math स्ट्रीम चुनते हो तो आपको गणित और विज्ञान के 60 प्रश्न हल करने होंगे, और अगर Social Studies स्ट्रीम चुनते हो तो आपको सामाजिक अध्ययन के 60 प्रश्न हल करने होंगे। CTET (Central Teacher Eligibility Test) परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होती है।

विषयप्रश्नों की संख्याअंक
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र3030
भाषा – 13030
भाषा – 23030
गणित और विज्ञान / सामाजिक अध्ययन6060
कुल150150
CTET Syllabus in Hindi – CTET Syllabus in Hindi 2025 – CTET Syllabus in Hindi pdf

CTET Syllabus in Hindi- Paper 1 (कक्षा 1 से 5)

बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (Child Development and Pedagogy)- 30 Questions

a. बाल विकास (प्राथमिक विद्यालय का बच्चा) Child Development(Primary School Child)- 15 Questions

  • विकास की अवधारणा और उसका अधिगम से संबंध
  • बच्चों के विकास के सिद्धांत
  • वंशानुगति और पर्यावरण का प्रभाव
  • समाजीकरण की प्रक्रिया: सामाजिक दुनिया और बच्चे (शिक्षक, अभिभावक, सहपाठी)
  • पियाजे, कोहलबर्ग और व्यगोत्स्की: सिद्धांत और आलोचनात्मक दृष्टिकोण
  • बाल-केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा
  • बुद्धिमत्ता की अवधारणा पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण
  • बहुआयामी बुद्धिमत्ता
  • भाषा और चिंतन
  • लिंग एक सामाजिक निर्माण के रूप में; लिंग भूमिकाएँ, लिंग भेदभाव और शैक्षिक व्यवहार
  • शिक्षार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताएँ; भाषा, जाति, लिंग, समुदाय और धर्म के आधार पर विविधताओं की समझ
  • अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम का मूल्यांकन – दोनों में भेद; विद्यालय-आधारित मूल्यांकन, सतत एवं समग्र मूल्यांकन: दृष्टिकोण और व्यवहार
  • उपयुक्त प्रश्नों का निर्माण करना – ताकि शिक्षार्थियों की तैयारी स्तर का आकलन हो सके, कक्षा में अधिगम और आलोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा मिले और उपलब्धियों का मूल्यांकन किया जा सके।

b. समावेशी शिक्षा की अवधारणा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समझना (Concept of Inclusive education and understanding children with special needs)- 5 Questions

  • अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को शामिल करना, जिनमें वंचित और गरीब बच्चे भी हों।
  • उन बच्चों की ज़रूरतों को पूरा करना जिन्हें सीखने में कठिनाई या किसी प्रकार की कमी (अक्षमता) है।
  • प्रतिभाशाली, रचनात्मक और विशेष रूप से सक्षम बच्चों पर ध्यान देना।

c. सीखना और शिक्षणशास्त्र (Learning and Pedagogy)- 10 Questions

  • बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं; और क्यों कई बार स्कूल प्रदर्शन में असफल हो जाते हैं।
  • अध्यापन और अधिगम की मूल प्रक्रियाएँ; बच्चों की सीखने की रणनीतियाँ; सीखना एक सामाजिक गतिविधि और उसका सामाजिक संदर्भ।
  • बच्चा एक समस्या समाधानकर्ता और “वैज्ञानिक अन्वेषक” के रूप में।
  • बच्चों में सीखने की वैकल्पिक धारणाएँ; उनकी गलतियों को सीखने की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण के रूप में समझना।
  • संज्ञान (Cognition) और भावनाएँ।
  • प्रेरणा और अधिगम।
  • अधिगम में योगदान देने वाले कारक – व्यक्तिगत और पर्यावरणीय।

भाषा- 1 (30 Questions)

a. भाषा की समझ (Language Comprehension)- 15 Questions

सीटीईटी परीक्षा में भाषा खंड के अंतर्गत दो अपठित गद्यांश दिए जाएंगे। इनमें से एक गद्य या नाटक होगा और दूसरा कविता। इन गद्यांशों पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें समझ (Comprehension), निष्कर्ष निकालना (Inference), व्याकरण (Grammar) और भाषाई क्षमता (Verbal Ability) की जाँच की जाएगी। गद्यांश का स्वरूप साहित्यिक, वैज्ञानिक, कथात्मक या विवेचनात्मक किसी भी प्रकार का हो सकता है।

b. भाषा विकास की शिक्षाशास्त्र (Pedagogy of Language Development)- 15 Questions

  • भाषा सीखना और अधिग्रहण
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका; भाषा का कार्य और बच्चे इसे उपकरण के रूप में कैसे इस्तेमाल करते हैं
  • विचार व्यक्त करने में व्याकरण की भूमिका पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण
  • विविध कक्षा में भाषा शिक्षण की चुनौतियाँ; भाषा संबंधित कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
  • भाषा कौशल
  • भाषा की समझ और दक्षता का मूल्यांकन: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
  • शिक्षण-सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषी संसाधन
  • सुधारात्मक शिक्षण

भाषा- 2 (30 Questions)

a. भाषा की समझ (Language Comprehension)- 15 Questions

दो अनदेखे गद्य अंश (चर्चात्मक, साहित्यिक, कथात्मक या वैज्ञानिक) जिन पर समझ, व्याकरण और मौखिक क्षमता से संबंधित प्रश्न हों।

b. भाषा विकास की शिक्षाशास्त्र (Pedagogy of Language Development)- 15 Questions

  • भाषा सीखना और समझना
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका; भाषा का काम और बच्चे इसे उपकरण की तरह कैसे इस्तेमाल करते हैं
  • विचार व्यक्त करने में व्याकरण की भूमिका पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण
  • विविध कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ; भाषा संबंधी कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
  • भाषा कौशल
  • भाषा की समझ और दक्षता का मूल्यांकन: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
  • शिक्षण सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा के बहुभाषी संसाधन
  • सुधारात्मक शिक्षण

गणित (Mathematics)- 30 Questions

a. टॉपिक्स (Topics)- 15 Questions

  • ज्यामिति (Geometry)
  • आकार और स्थान की समझ (Shapes & Spatial Understanding)
  • हमारे चारों ओर ठोस आकृतियाँ (Solids around Us)
  • संख्याएँ (Numbers)
  • जोड़ और घटाव (Addition and Subtraction)
  • गुणा (Multiplication)
  • भाग (Division)
  • मापन (Measurement)
  • वजन (Weight)
  • समय (Time)
  • आयतन (Volume)
  • डेटा का प्रबंधन (Data Handling)
  • पैटर्न (Patterns)
  • पैसा (Money)

b. शिक्षण संबंधी मुद्दे (Pedagogical issues)- 15 Questions

  • गणित की प्रकृति / तार्किक सोच; बच्चों की सोच और तर्क करने के तरीके, सीखने और अर्थ बनाने की रणनीतियाँ
  • पाठ्यक्रम में गणित का स्थान
  • गणित की भाषा
  • सामुदायिक गणित (Community Mathematics)
  • औपचारिक और अनौपचारिक तरीकों से मूल्यांकन
  • शिक्षण में आने वाली समस्याएँ
  • त्रुटि विश्लेषण और सीखने व पढ़ाने से जुड़े पहलू
  • निदान और सुधारात्मक शिक्षण (Diagnostic and Remedial Teaching)

पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies)- 30 Questions

a. टॉपिक्स (Topics)- 15 Questions

i. परिवार और दोस्त (Family and Friends):

  • रिश्ते (Relationships)
  • काम और खेल (Work and Play)
  • जानवर (Animals)
  • पौधे (Plants)

ii. भोजन (Food)
iii. आवास / घर (Shelter)
iv. पानी (Water)
v. यात्रा (Travel)
vi. हम जो बनाते और करते हैं (Things We Make and Do)

b. शिक्षण संबंधी मुद्दे (Pedagogical issues)- 15 Questions

  • ईवीएस की अवधारणा और दायरा (Concept and scope of EVS)
  • ईवीएस का महत्व, एकीकृत ईवीएस (Significance of EVS, integrated EVS)
  • पर्यावरण अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा (Environmental Studies & Environmental Education)
  • सीखने के सिद्धांत (Learning Principles)
  • विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से संबंध और दायरा (Scope & relation to Science & Social Science)
  • अवधारणाओं को प्रस्तुत करने के तरीके (Approaches of presenting concepts)
  • गतिविधियाँ (Activities)
  • प्रयोग / प्रायोगिक कार्य (Experimentation/Practical Work)
  • चर्चा (Discussion)
  • सतत और समग्र मूल्यांकन (CCE)
  • शिक्षण सामग्री / सहायक उपकरण (Teaching material/Aids)
  • समस्याएँ (Problems)

CTET Syllabus in Hindi- Paper 2 (कक्षा 6 से 8)

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy)

a. बाल विकास (उच्च प्राथमिक विद्यालय का बच्चा) Child Development(Elementary School Child)- 15 Questions

  • विकास की अवधारणा और इसका अधिगम (Learning) से संबंध
  • बच्चों के विकास के सिद्धांत
  • वंशानुक्रम और पर्यावरण का प्रभाव
  • समाजीकरण की प्रक्रिया: सामाजिक दुनिया और बच्चे (शिक्षक, अभिभावक, सहपाठी)
  • पियाजे, कोहलबर्ग और व्यगोत्स्की: अवधारणाएँ और समालोचनात्मक दृष्टिकोण
  • बाल-केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा
  • बुद्धिमत्ता की अवधारणा का समालोचनात्मक दृष्टिकोण
  • बहु-आयामी बुद्धिमत्ता
  • भाषा और विचार
  • लिंग एक सामाजिक निर्माण के रूप में; लिंग की भूमिकाएँ, लिंग पक्षपात और शैक्षिक अभ्यास
  • शिक्षार्थियों के बीच व्यक्तिगत भिन्नताएँ, भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि की विविधता पर आधारित भिन्नताओं की समझ
  • अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम का मूल्यांकन: अंतर; विद्यालय-आधारित मूल्यांकन, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE): दृष्टिकोण और अभ्यास
  • शिक्षार्थियों की तैयारी के स्तर को मापने के लिए उपयुक्त प्रश्नों का निर्माण; अधिगम को बढ़ाने के लिए प्रश्नों का निर्माण

b. समावेशी शिक्षा की अवधारणा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समझना (Concept of Inclusive education and understanding children with special needs)- 5 Questions

  • विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले शिक्षार्थियों को संबोधित करना, जिनमें वंचित और गरीब वर्ग के बच्चे भी शामिल हैं।
  • उन बच्चों की आवश्यकताओं को संबोधित करना जिन्हें सीखने में कठिनाई, या किसी प्रकार की अक्षमता (Impairment) है।
  • प्रतिभाशाली, रचनात्मक और विशेष रूप से सक्षम शिक्षार्थियों को संबोधित करना।

c. सीखना और शिक्षणशास्त्र (Learning and Pedagogy)- 10 Questions

  • बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं; स्कूल प्रदर्शन में बच्चे क्यों और कैसे असफल हो जाते हैं।
  • अध्यापन और अधिगम की मूल प्रक्रियाएँ; बच्चों की सीखने की रणनीतियाँ; सीखना एक सामाजिक गतिविधि के रूप में; सीखने का सामाजिक परिप्रेक्ष्य।
  • बच्चा एक समस्या समाधानकर्ता और एक “वैज्ञानिक अन्वेषक” के रूप में।
  • बच्चों में सीखने की वैकल्पिक धारणाएँ, बच्चों की गलतियों को सीखने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरण के रूप में समझना।
  • संज्ञान (Cognition) और भावनाएँ।
  • प्रेरणा और अधिगम।
  • अधिगम में योगदान देने वाले कारक – व्यक्तिगत और पर्यावरणीय।

भाषा – 1 (30 Questions)

a. भाषा की समझ (Language Comprehension)- 15 Questions

अनदेखे गद्यांश का पठन – दो गद्यांश होंगे: एक गद्य या नाटक और एक कविता। इन पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे जो बोध, निष्कर्ष निकालने की क्षमता, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित होंगे। (गद्यांश साहित्यिक, वैज्ञानिक, कथात्मक या विवेचनात्मक हो सकता है।)

b. भाषा विकास की शिक्षाशास्त्र (Pedagogy of Language Development)- 15 Questions

  • अधिगम और अर्जन (Learning and Acquisition)
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका; भाषा का कार्य और बच्चे इसका उपयोग कैसे करते हैं
  • आईटी (IT) एक उपकरण के रूप में
  • विचारों को मौखिक और लिखित रूप में व्यक्त करने के लिए भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण
  • विविध कक्षा में भाषा शिक्षण की चुनौतियाँ; भाषा संबंधी कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
  • भाषा कौशल (Language Skills)
  • भाषा की समझ और प्रवीणता का मूल्यांकन: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
  • शिक्षण-अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टी-मीडिया सामग्री, बहुभाषी संसाधन
  • उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching)

भाषा – 2 (30 Questions)

a. भाषा की समझ (Language Comprehension)- 15 Questions

दो अपठित गद्यांश दिए जाएंगे, जो विवेचनात्मक, साहित्यिक, कथात्मक या वैज्ञानिक प्रकार के हो सकते हैं। इन गद्यांशों पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे जिनमें समझ (Comprehension), व्याकरण और भाषाई क्षमता की जाँच की जाएगी।

b. भाषा विकास की शिक्षाशास्त्र (Pedagogy of Language Development)- 15 Questions

  • अधिगम और अर्जन (Learning and Acquisition)
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका; भाषा का कार्य और बच्चों द्वारा इसका एक उपकरण की तरह उपयोग
  • विचारों को मौखिक और लिखित रूप में व्यक्त करने के लिए भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण
  • विविध कक्षा में भाषा शिक्षण की चुनौतियाँ; भाषा संबंधी कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
  • भाषा कौशल (Language Skills)
  • भाषा की समझ और प्रवीणता का मूल्यांकन – बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
  • शिक्षण-अधिगम सामग्री – पाठ्यपुस्तक, मल्टी-मीडिया सामग्री, बहुभाषी संसाधन
  • उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching)

गणित (Mathematics)– 30 Questions

a. टॉपिक्स (Topics)- 20 Questions

संख्यात्मक पद्धति (Number System)

  • हमारी संख्याओं को जानना
  • संख्याओं के साथ खेलना
  • पूर्ण संख्याएँ
  • ऋणात्मक संख्याएँ और पूर्णांक
  • भिन्न (Fractions)

बीजगणित (Algebra)

  • बीजगणित का परिचय
  • अनुपात और समानुपात

ज्यामिति (Geometry)

  • मूल ज्यामितीय विचार (2-डी)
  • प्राथमिक आकृतियों की समझ (2-डी और 3-डी)
  • सममिति (प्रतिबिंब)
  • निर्माण (सीधी रेखा स्केल, प्रोट्रैक्टर, कंपास का उपयोग)
  • क्षेत्रमिति (Mensuration)
  • डाटा प्रबंधन (Data Handling)

b. शिक्षण संबंधी मुद्दे (Pedagogical issues)- 10 Questions

  • गणित का स्वरूप / तार्किक चिंतन
  • पाठ्यक्रम में गणित का स्थान
  • गणित की भाषा
  • सामुदायिक गणित
  • मूल्यांकन
  • उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching)
  • शिक्षण की समस्याएँ

विज्ञान (Science)- 30 Questions

a. टॉपिक्स (Topics)- 20 Questions

खाद्य (Food)

  • भोजन के स्रोत
  • भोजन के घटक
  • भोजन की सफाई

सामग्री (Materials)- दैनिक उपयोग की सामग्री

सजीव जगत (The World of the Living)

गतिमान वस्तुएँ, लोग और विचार (Moving Things, People and Ideas)

चीजें कैसे काम करती हैं (How Things Work)

  • विद्युत धारा और परिपथ
  • चुंबक

प्राकृतिक घटनाएँ (Natural Phenomena)

प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources)

b. शिक्षण संबंधी मुद्दे (Pedagogical issues)- 10 Questions

  • विज्ञान का स्वरूप एवं संरचना
  • प्राकृतिक विज्ञान / उद्देश्य एवं लक्ष्य
  • विज्ञान की समझ एवं प्रशंसा
  • दृष्टिकोण / समन्वित दृष्टिकोण
  • अवलोकन / प्रयोग / खोज (विज्ञान की विधि)
  • नवाचार (Innovation)
  • पाठ सामग्री / सहायक सामग्री
  • मूल्यांकन – संज्ञानात्मक (Cognitive) / मनो-गतिशील (Psycho-motor) / भावात्मक (Affective)
  • समस्याएँ
  • उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching)

सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान (Social Studies/Social Sciences)

a. टॉपिक्स (Topics)- 40 Questions

इतिहास (History)

  • कब, कहाँ और कैसे (When, Where and How)
  • प्रारंभिक समाज (The Earliest Societies)
  • पहले किसान और पशुपालक (The First Farmers and Herders)
  • पहली नगर (The First Cities)
  • प्रारंभिक राज्य (Early States)
  • नए विचार (New Ideas)
  • पहला साम्राज्य (The First Empire)
  • दूरदराज़ देशों के साथ संपर्क (Contacts with Distant Lands)
  • राजनीतिक विकास (Political Developments)
  • संस्कृति और विज्ञान (Culture and Science)
  • नए राजा और राज्यों का उदय (New Kings and Kingdoms)
  • दिल्ली के सुल्तान (Sultans of Delhi)
  • वास्तुकला (Architecture)
  • साम्राज्य का निर्माण (Creation of an Empire)
  • सामाजिक परिवर्तन (Social Change)
  • क्षेत्रीय संस्कृतियाँ (Regional Cultures)
  • कंपनी शासन की स्थापना (The Establishment of Company Power)
  • ग्रामीण जीवन और समाज (Rural Life and Society)
  • उपनिवेशवाद और जनजातीय समाज (Colonialism and Tribal Societies)
  • 1857-58 का विद्रोह (The Revolt of 1857-58)
  • महिलाएं और सुधार (Women and Reform)
  • जाति व्यवस्था को चुनौती (Challenging the Caste System)
  • राष्ट्रीय आंदोलन (The Nationalist Movement)
  • स्वतंत्रता के बाद भारत (India After Independence)

भूगोल (Geography)

  • सामाजिक अध्ययन और विज्ञान के रूप में भूगोल (Geography as a Social Study and as a Science)
  • ग्रह: सौरमंडल में पृथ्वी (Planet: Earth in the Solar System)
  • ग्लोब (Globe)
  • पर्यावरण का समग्र अध्ययन: प्राकृतिक और मानव पर्यावरण (Environment in its Totality: Natural and Human Environment)
  • वायु (Air)
  • जल (Water)
  • मानव पर्यावरण: बस्तियाँ, परिवहन और संचार (Human Environment: Settlement, Transport and Communication)
  • संसाधन: प्रकार – प्राकृतिक और मानव निर्मित (Resources: Types – Natural and Human)
  • कृषि (Agriculture)

सामाजिक और राजनीतिक जीवन (Social and Political Life)

  • विविधता (Diversity)
  • सरकार (Government)
  • स्थानीय सरकार (Local Government)
  • जीवन यापन (Making a Living)
  • लोकतंत्र (Democracy)
  • राज्य सरकार (State Government)
  • मीडिया की समझ (Understanding Media)
  • लिंग का विश्लेषण (Unpacking Gender)
  • संविधान (The Constitution)
  • संसदीय सरकार (Parliamentary Government)
  • न्यायपालिका (The Judiciary)
  • सामाजिक न्याय और हाशिए पर रहने वाले वर्ग (Social Justice and the Marginalised)

b. शिक्षण संबंधी मुद्दे (Pedagogical issues)- 20 Questions

  • सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन की अवधारणा और स्वरूप (Concept & Nature of Social Science/Social Studies)
  • कक्षा में प्रक्रियाएँ, गतिविधियाँ और संवाद (Classroom Processes, Activities and Discourse)
  • आलोचनात्मक सोच का विकास (Developing Critical Thinking)
  • शोध/अनुभवजन्य साक्ष्य (Enquiry/Empirical Evidence)
  • सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन पढ़ाने की समस्याएँ (Problems of Teaching Social Science/Social Studies)
  • स्रोत – प्राथमिक और द्वितीयक (Sources – Primary & Secondary)
  • परियोजना कार्य (Project Work)
  • मूल्यांकन (Evaluation)
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इन्हें भी पढ़ें-

CTET का सिलेबस क्या है?

CTET में दो पेपर होते हैं- पेपर-1 कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों के लिए और पेपर-2 कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए होता है। CTET Paper 1 में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा 1, भाषा 2, गणित और पर्यावरण अध्ययन शामिल होते हैं। CTET Paper 2 में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा 1, भाषा 2 और उम्मीदवार की पसंद के अनुसार गणित और विज्ञान या सामाजिक अध्ययन शामिल होते हैं।

CTET पेपर 1 में कितने विषय होते हैं?

CTET पेपर 1 में कुल 5 विषय होते हैं – बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा 1, भाषा 2, गणित और पर्यावरण अध्ययन।

CTET पेपर 2 में कितने विषय होते हैं?

CTET पेपर 2 में कुल 4 विषय होते हैं – बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा 1, भाषा 2 और वैकल्पिक विषय के तौर पर गणित व विज्ञान या सामाजिक अध्ययन।

CTET की तैयारी कैसे करें?

CTET की तैयारी के लिए सबसे पहले पूरा सिलेबस और परीक्षा पैटर्न समझें, फिर विषयवार नोट्स बनाकर नियमित अभ्यास करें। पिछले सालों के प्रश्नपत्र हल करें और मॉक टेस्ट देकर समय प्रबंधन पर ध्यान दें।

CTET पेपर 2 गणित का पाठ्यक्रम क्या है?

CTET पेपर 2 गणित का पाठ्यक्रम में संख्या प्रणाली, बीजगणित, अनुपात-प्रतिशत, औसत, त्रिकोणमिति, ज्यामिति, सांख्यिकी और प्रायिकता जैसे टॉपिक्स शामिल होते हैं। इसमें गणितीय तर्क और समस्या समाधान पर भी जोर दिया जाता है।

CTET में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

CTET में दो पेपर होते हैं। Paper 1 (कक्षा 1–5) में पांच विषय होते हैं – बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा 1, भाषा 2, गणित और पर्यावरण अध्ययन। वहीं, Paper 2 (कक्षा 6–8) में चार विषय होते हैं – बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा 1, भाषा 2 और उम्मीदवार अपनी स्ट्रीम के अनुसार गणित व विज्ञान या सामाजिक अध्ययन चुनते हैं।

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